उत्तर प्रदेश

35 गांवों के किसानों को राहत, अधिग्रहित जमीन पर मिलेगा चार गुना मुआवजा

nidhi
2 Oct 2026 8:36 AM IST
35 गांवों के किसानों को राहत, अधिग्रहित जमीन पर मिलेगा चार गुना मुआवजा
x
मीरजापुर के 35 गांवों के किसानों को बड़ा फायदा
मीरजापुर: विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना से मीरजापुर जिले के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए जिले के 35 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इन गांवों के किसानों को उनकी जमीन के बदले निर्धारित सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा दिए जाने की तैयारी है। इससे बड़ी संख्या में किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
विंध्य क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित यह एक्सप्रेस-वे मीरजापुर समेत आसपास के जिलों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके बनने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत जिन 35 गांवों की जमीन ली जानी है, वहां सर्वे और जमीन से जुड़ी प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर संबंधित गांवों की भूमि, उसके प्रकार, स्वामित्व और बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए प्रचलित नियमों के तहत किसानों को सर्किल रेट से कई गुना अधिक भुगतान का प्रावधान होता है। इसी व्यवस्था के तहत प्रभावित किसानों को चार गुना तक मुआवजा मिलने की बात सामने आई है। इससे किसानों को अपनी जमीन के बदले बड़ी रकम मिल सकती है। विंध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण से मीरजापुर की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद जिले से दूसरे प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान और तेज हो सकेगी। इसके साथ ही माल परिवहन भी सुगम होगा, जिसका फायदा स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को मिलने की संभावना है।
मीरजापुर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण जिला है। विंध्याचल धाम के कारण यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बेहतर सड़क संपर्क बनने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। इससे होटल, परिवहन, दुकान और अन्य स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
एक्सप्रेस-वे के आसपास नई व्यावसायिक गतिविधियां विकसित होने की भी संभावना है। सड़क परियोजनाओं के बाद आसपास के क्षेत्रों में वेयरहाउस, पेट्रोल पंप, होटल, ढाबे, औद्योगिक इकाइयां और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबार बढ़ते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण होगी। किसानों को अपनी जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज सही रखने होंगे, ताकि मुआवजा वितरण में किसी तरह की परेशानी न हो। खसरा, खतौनी, आधार, बैंक खाते और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। जिन जमीनों पर एक से अधिक खातेदार हैं, वहां सभी हिस्सेदारों के रिकॉर्ड की जांच के बाद भुगतान होगा। किसानों के लिए चार गुना मुआवजे की व्यवस्था इसलिए भी अहम है क्योंकि जमीन उनकी आय और आजीविका का प्रमुख साधन होती है। अधिग्रहण के बाद मिलने वाली रकम से किसान दूसरी जमीन खरीदने, घर बनाने, कारोबार शुरू करने या अन्य जरूरतें पूरी करने में सक्षम हो सकते हैं।
हालांकि किसानों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि वास्तविक मुआवजे का निर्धारण किस सर्किल रेट के आधार पर किया जाता है। कई बार बाजार मूल्य और सरकारी सर्किल रेट में अंतर होता है। ऐसे में प्रभावित किसानों के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होगी। विंध्य एक्सप्रेस-वे को क्षेत्रीय विकास के लिहाज से बड़ी परियोजना माना जा रहा है। इसके बनने से पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होने की उम्मीद है। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से निवेशकों के लिए भी क्षेत्र अधिक आकर्षक बन सकता है।
परियोजना के आगे बढ़ने के साथ ही प्रभावित गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। प्रशासन किसानों को मुआवजे, दस्तावेज और अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएगा। फिलहाल मीरजापुर के 35 गांवों के किसान परियोजना को लेकर उत्साहित हैं। जमीन के बदले चार गुना तक मुआवजा मिलने की खबर से उन्हें बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद है। वहीं एक्सप्रेस-वे बनने के बाद पूरे क्षेत्र में विकास, रोजगार, व्यापार और पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
Next Story